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बुधवार, 4 मार्च 2026

मुरादाबाद के साहित्यकार योगेन्द्र वर्मा व्योम का नवगीत... फागुन का आलाप


गुझिया इठलाकर बल खाकर

पिचकारी से बोली

चल आजा

हम खेलें होली


गूँज रहा मस्ती की धुन पर

फागुन का आलाप

लेकिन तू कोने में छिपकर

बैठी है चुपचाप

बुला रही है उम्मीदों की

रंग-बिरंगी टोली


धीरज रख फिर से आएगा

वही पुराना दौर

फूटेगा जब आमों पर फिर

निश्छलता का बौर

यहाँ-वहाँ सब ओर करेगा

टेसू हँसी-ठिठोली


तुझमें रंग भरे जीवन के

मुझमें भरी मिठास

चल मिलकर वापस लाते हैं

रिश्तों में उल्लास

अपनेपन के गाढ़े रँग से

रचें नई रंगोली


✍️योगेन्द्र वर्मा 'व्योम'

 मुरादाबाद 244001

उत्तर प्रदेश, भारत

शुक्रवार, 14 मार्च 2025

मुरादाबाद मंडल के कुरकावली (जनपद संभल) निवासी साहित्यकार त्यागी अशोका कृष्णम् की रचना ....होली के हुलास में


होली के हुलास में

अंग-अंग खिल उठे, रंग रंग मिल उठे, 

पीने लगे जब सब,एक ही गिलास में।

ऐसी जोड़ तोड़ वाली, व्याकरण पढ़ी गयी,

कुछ भी न फर्क रहा, संधि व समास में।

रस छंद सुर ताल, करने लगे कमाल, 

गीत व गजल बैठ, गये आस-पास में।

कौन चाची  कौन ताई, कौन दादी भाभी कौन,

कुछ भी न होश रहा, होली के हुलास में।।

✍️त्यागी अशोका कृष्णम्

कुरकावली, संभल 

उत्तर प्रदेश, भारत

मुरादाबाद के साहित्यकार योगेन्द्र वर्मा व्योम के दोहे ....। ये प्रकाशित हुए हैं हरियाणा के प्रमुख दैनिक समाचारपत्र "देश रोज़ाना" के 13 मार्च 2025 के अंक में .....




गुरुवार, 13 मार्च 2025

मुरादाबाद मंडल के बहजोई (जनपद संभल ) के साहित्यकार दीपक गोस्वामी चिराग की ग़ज़ल....खुशियों की बौछार है होली ....


रंगों का त्यौहार है होली।

खुशियों की बौछार है होली।।

बर्षों से जो बसा है मन में।

गंगा-जमुनी प्यार है, होली।।

कचरी, पापड़, भल्ले, गुंझिया ।

व्यंजन की भंडार है होली।।

कृष्ण खेलते राधा के सँग।

ब्रज की फाग-फुहार है, होली।। 

घुटी भांग, पीते ठंडाई।

मस्ती अपरंपार है होली।।

पिचकारी-टोली बच्चों की।

रंगों की भरमार है होली।।

नफरत छोड़ो मिलो प्रेम से ।

करती यही पुकार है होली।।


✍️दीपक गोस्वामी चिराग, 

शिव बाबा सदन, कृष्णाकुंज 

बहजोई (संभल)-244410 

उत्तर प्रदेश, भारत

मो. 9548812618

मंगलवार, 11 मार्च 2025

मुरादाबाद के साहित्यकार ओंकार सिंह ओंकार की रचना .... आ गया मौसम सुहाना गुनगुनाने के लिए

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मुरादाबाद की साहित्यकार डॉ प्रेमवती उपाध्याय का गीत... होली के रंग में हम अपना मन रंगा लें

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मुरादाबाद की साहित्यकार मीनाक्षी ठाकुर का गीत... प्रीत की पिचकारियां ले फाग फिर से आ गया ...

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मुरादाबाद के साहित्यकार मयंक शर्मा का गीत... रंगों के रंग में रंग जाए खेलें मिलकर होली

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मुरादाबाद के साहित्यकार योगेंद्र वर्मा व्योम की ग़ज़ल... गधों की बढ़ गई है आजकल औकात होली में

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मुरादाबाद के साहित्यकार वीरेंद्र सिंह बृजवासी का गीत.... कान्हा बरसाने मत अईयो...

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मुरादाबाद की साहित्यकार डॉ पूनम बंसल का गीत.... रूठों को चलो हम मनाएं रंगों का उपहार लिए

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मुरादाबाद की साहित्यकार डॉ अर्चना गुप्ता का गीत ....टेसू की खुशबू ले आई होली

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मुरादाबाद की साहित्यकार मीनाक्षी ठाकुर के दोहे... खांस खांस कर मफलर जी ने घूंट हार का गटका..

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मुरादाबाद के साहित्यकार मनोज मनु की ग़ज़ल... हल्ला गुल्ला हंसी ठिठोली सारी सारी रात हुई ...

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मुरादाबाद की साहित्यकार सरिता लाल का गीत ... मैंने चुनरिया भिगो ली

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सोमवार, 10 मार्च 2025

मुरादाबाद मंडल के जनपद रामपुर निवासी रवि प्रकाश की रचना... होली पर इस बार है महाकुंभ की छाप

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मुरादाबाद मंडल के जनपद अमरोहा निवासी साहित्यकार सत्येंद्र धारीवाल का गीत... फागुन गाते होली में

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मुरादाबाद के साहित्यकार शिवकुमार शर्मा का गीत.... होली है होली है भई होली है

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मुरादाबाद की साहित्यकार डॉ अर्चना गुप्ता का गीत ....खेल रहे आंखों – आंखों में होली सजनी से साजन

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