एक गधी ने
अपने गधे से कहा
हमारी शादी को
दस साल से ज्यादा हो गए
आप कभी मेरे लिए
गोभी तक का
फूल नहीं लाए हो
मुझको तो डाउट है
तुम किसी दूसरी गधी से
दिल लगाए हो
इस बार हम भी
कुछ नया कर के दिखाएंगे
रोज डे,प्रपोज डे
हग डे,चॉकलेट डे
किस डे,वेलेंटाइन डे
सबके सब मनाएंगे
गधा बोला
एक तो हम हिंदुस्तानी हैं
दूसरे इंसान नहीं गधे हैं
इसलिए संस्कृति
और परंपराओं से बंधे हैं
विदेशियों का
आंख बंद कर
अनुसरण नहीं करते
केवल प्यार करते है
प्यार का
प्रदर्शन नहीं करते
हम नहीं करेंगे
कोई भी ऐसा काम
जिससे हमारे पूर्वजों का
नाम हो बदनाम
गधी झुंझला कर बोली
तुम नहीं सुधरोगे
तुम गधे थे
गधे हो
और गधे ही रहोगे।
✍️डॉ पुनीत कुमार
मुरादाबाद 244001

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें