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रविवार, 22 मार्च 2026
मंगलवार, 10 मार्च 2026
मुरादाबाद के साहित्यकार वीरेंद्र सिंह बृजवासी का गीत....यदि परमाणु युद्ध हुआ तो!
यदि परमाणु युद्ध हुआ तो,
न तुम बचोगे, न हम बचेंगे,
धुआँ - धुआँ सब हो जाएगा,
न तुम हंसोगे, न हम हंसेंगे!
बड़ी भयानक प्रलय मचेगी,
बदल जाएगी चाल ग्रहों की,
अग्नि पिण्ड के चक्रव्यूह में,
धरती औ आकाश जलेंगे!
कंकालों से धरा पटेगी,
पेड़-रुख जल भुन जाएंगे,
पर्वत शिखर धराशाई हो,
भूकंपों की कथा कहेंगे!
भीषण गर्मी से नदियों की,
जल धारा ढूंढे न मिलेगी,
खेत, बाग, वन बंजर होकर,
जीवन का अस्तित्व हरेंगे!
केवल अपनी स्वार्थ सिद्धि में,
सर्व हितों से मुख मत मोड़ो,
धरती सबके लिए बनी है,
कब तक यों बेमौत मरेंगे!
परमपिता सब देख रहे हैं,
मानव कीघृणित गतिविधियाँ
निश्चित होगा भष्म घमंडी,
जब भी ईश्वर न्याय करेंगे!
उसके आगे कभी किसी की,
दादागीरी नहीं चलेगी,
जो कोई भगवान बनेगा,
दुर्दिन उसके साथ चलेंगे!
महाप्रलय की बात न सोचो,
केवल मानवता अपना लो,
सबको गले लगाने वाले,
सदियों - सदियों याद रहेंगे!
✍️वीरेन्द्र सिंह "ब्रजवासी"
मुरादाबाद 244001
उत्तर प्रदेश, भारत
मोबाइल फोन नम्बर 9719275453
रविवार, 8 मार्च 2026
बुधवार, 4 मार्च 2026
मुरादाबाद के साहित्यकार योगेन्द्र वर्मा व्योम का नवगीत... फागुन का आलाप
गुझिया इठलाकर बल खाकर
पिचकारी से बोली
चल आजा
हम खेलें होली
गूँज रहा मस्ती की धुन पर
फागुन का आलाप
लेकिन तू कोने में छिपकर
बैठी है चुपचाप
बुला रही है उम्मीदों की
रंग-बिरंगी टोली
धीरज रख फिर से आएगा
वही पुराना दौर
फूटेगा जब आमों पर फिर
निश्छलता का बौर
यहाँ-वहाँ सब ओर करेगा
टेसू हँसी-ठिठोली
तुझमें रंग भरे जीवन के
मुझमें भरी मिठास
चल मिलकर वापस लाते हैं
रिश्तों में उल्लास
अपनेपन के गाढ़े रँग से
रचें नई रंगोली
✍️योगेन्द्र वर्मा 'व्योम'
मुरादाबाद 244001
उत्तर प्रदेश, भारत




