यदि परमाणु युद्ध हुआ तो,
न तुम बचोगे, न हम बचेंगे,
धुआँ - धुआँ सब हो जाएगा,
न तुम हंसोगे, न हम हंसेंगे!
बड़ी भयानक प्रलय मचेगी,
बदल जाएगी चाल ग्रहों की,
अग्नि पिण्ड के चक्रव्यूह में,
धरती औ आकाश जलेंगे!
कंकालों से धरा पटेगी,
पेड़-रुख जल भुन जाएंगे,
पर्वत शिखर धराशाई हो,
भूकंपों की कथा कहेंगे!
भीषण गर्मी से नदियों की,
जल धारा ढूंढे न मिलेगी,
खेत, बाग, वन बंजर होकर,
जीवन का अस्तित्व हरेंगे!
केवल अपनी स्वार्थ सिद्धि में,
सर्व हितों से मुख मत मोड़ो,
धरती सबके लिए बनी है,
कब तक यों बेमौत मरेंगे!
परमपिता सब देख रहे हैं,
मानव कीघृणित गतिविधियाँ
निश्चित होगा भष्म घमंडी,
जब भी ईश्वर न्याय करेंगे!
उसके आगे कभी किसी की,
दादागीरी नहीं चलेगी,
जो कोई भगवान बनेगा,
दुर्दिन उसके साथ चलेंगे!
महाप्रलय की बात न सोचो,
केवल मानवता अपना लो,
सबको गले लगाने वाले,
सदियों - सदियों याद रहेंगे!
✍️वीरेन्द्र सिंह "ब्रजवासी"
मुरादाबाद 244001
उत्तर प्रदेश, भारत
मोबाइल फोन नम्बर 9719275453

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