बुधवार, 1 फ़रवरी 2023

वाट्स एप पर संचालित समूह साहित्यिक मुरादाबाद में प्रत्येक मंगलवार को बाल साहित्य गोष्ठी का आयोजन किया जाता है। प्रस्तुत हैं 31 जनवरी 2023 को आयोजित गोष्ठी में शामिल साहित्यकारों की बाल कविताएं ....


अम्मा जी ने छत पर कपड़े

जाकर ढेर सुखाए ,
तभी वहॉं पर छह- छह बंदर
खों – खों करते आए।

डर के मारे अम्मा जी ने
तब आवाज लगाई ,
सुनकर पोती रिया
दौड़कर लाठी लेकर आई।

लाठी जब देखी तो बंदर
उछल-उछल कर भागे,
पीछे-पीछे लाठीवाली
बंदर आगे-आगे ।

✍️ रवि प्रकाश
बाजार सर्राफा,
रामपुर
उत्तर प्रदेश, भारत
मोबाइल 99976 15451

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भरा हुआ जो शरबत से
मैं हूं ऐसा एक कुआं
एक बार जो खा लेता है
देता है बारंबार दुआ
छोटे बड़े,अमीर गरीब
सबके मन को भाता हूं
शोभा हूं हर उत्सव की
नाम है मेरा मालपुआ

✍️डॉ पुनीत कुमार
T 2/505 आकाश रेजीडेंसी
मुरादाबाद 244001
मोबाइल फोन नंबर 9837189600

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हम भारत के लाल,
कहाते हिन्दुस्तानी!
चलते सीना तान,
चाल अपनी मस्तानी!
     नहीं किसी से बैर,
     प्यार सबसे करते हैं!
     किन्तु सभी लें जान,
     नहीं किंचित डरते हैं!
न  समझो   मासूम,
हैं हम दरिया तूफानी!
चलते सीना तान,
चाल अपनी मस्तानी!
    सिहों के संग खेल खेल,
    कर युवा हुए हम!
    माँ जीजा के चरण छुए,
    तब शिवा हुए हम!
माँ पन्ना के अमर पुत्र,
से हम बलिदानी!
चलते सीना तान,
चाल अपनी मस्तानी!
   शरणागत की लाज,
   सदा ही हम रखते हैं!
   किन्तु कपट की सजा,
   धूर्त शत्रु चखते हैं!
अखिल विश्व में हार '
कभी न हमने मानी!
चलते सीना तान,
चाल अपनी मस्तानी!

✍️अशोक विद्रोही
412 प्रकाश नगर
मुरादाबाद 244001
उत्तर प्रदेश, भारत
मोबाइल फोन नंबर 8218825541

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एक बार की बात है बच्चों
गर्मी प्रचंड थी खूब
पानी ढूंढ रहा था कौवा
सिर पर पड़ रही थी धूप
उड़ता फिरता गांव गांव वह
नहीं दिखी जल की एक बूंद
उड़ता उड़ता दूर जा पहुंचा
दिखा घड़ा एक बहुत ही दूर
कौवा घट पर झट से पहुंचा
पर पीने को हुआ मजबूर 
चौंच झट से डाली अंदर 
पानी पर नीचे था दूर
इधर उधर नजर दौड़ाई
आयी युक्ति एक सूझ
कंकड़ पत्थर बीन बीन कर
डाले घड़े में कौवे ने खूब
पानी फिर जब ऊपर आया
कौवे ने बुझाई प्यास जरूर
ना वह हारा ना घबराया
विपत्ति में बुद्धि का लिया सहारा
प्यारे बच्चों, तुम भी समझो
विषम स्थिति में ना घबराओ
सूझ बूझ प्रज्ञा से निशदिन
आगे बढ़ते ही तुम जाओ

✍️मीनाक्षी वर्मा
मुरादाबाद 244001
उत्तर प्रदेश, भारत

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पानी पीकर उड़ा जो कौआ,
मन में अति हरषाया।
नील गगन में उड़-उड़ कर वह,
मस्त हुआ मुस्काया।।
बैठ पेड़ पर काॅंव-काॅंव वह,
जोरों से चिल्लाया।
अपने प्यारे बच्चों को फिर,
उसने पास बुलाया।।
प्यासे कौए ने प्यास का,
अनुभव उन्हें बताया।
पानी पीने के परिश्रम को,
विस्तार से समझाया।।
कठिन समय में धीरज धरकर,
काम करो यदि अपना।
सही मिलेगा परिणाम,
और सुखद बनेगा सपना।।
हम जो थककर बैठ गये,
तो होगी नहीं भलाई।
परिश्रम करना व्यर्थ न जाता,
मेहनत का फल है सुखदाई।।

✍️डाॅ सुधा सिरोही
बुद्धि विहार फेज-2
मुरादाबाद 244001
उत्तर प्रदेश, भारत

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छुक छुक छुक छुक करती रेल
बड़ी तेज है चलती रेल
नदी पर्वत खेत चीर कर
इनके ऊपर चढ़ती रेल ।

नानी मामी बुआ मौसी
सबके घर पहुँचाती रेल
दादा दादी चाचा चाची
सबसे है मिलवाती रेल ।

सड़क सुरंग मैदानोंं में
सरपट दौड़ी जाती रेल
चिंटू - मिंटू - राजू- रामू
मन सभी के भाती रेल ।

✍️डॉ रीता सिंह
मुरादाबाद 244001
उत्तर प्रदेश, भारत

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अगर बरसते रसगुल्ले तो
कितनी होती अपनी मौज
रसगुल्लों से भरी ही रहती
अपनी आंगन वाली हौज।
सुबह शाम जी भरकर फिर
रसगुल्ले ही हम खाते
मीठे मीठे रसगुल्ले खा
मीठा सा गाना गाते।

✍️डॉ अनिल शर्मा 'अनिल'
धामपुर, बिजनौर
उत्तर प्रदेश, भारत

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एक सेठ जी थे कंजूस,
पीते थे लौकी का जूस I
लगी जोर से एक दिन प्यास,
जूस मंगाया चार गिलास I
फिर भी प्यास न बुझने पाई,
पानी की बोतल मंगवाई I
उसको पीकर मिला आराम, 
मुंह से निकला जय जय राम!
हो गया उनको यह आभास,
पानी से ही  बुझती  प्यास I

✍️नकुल त्यागी
बुद्धि विहार
मुरादाबाद
उत्तर प्रदेश, भारत

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मुन्ना बोला मम्मी से मुझको तुम बहलाओ ना।
चंदा मामा दूर के , मुझको तुम दिखलाओ ना।

पूछे मम्मी मुन्ने से क्यूं इतना मुझे सताते हो।
चंदा मामा कल आयेंगे, अब मान नहीं क्यूं जाते हो।
मेरा वादा पक्का है,अब मुझको और सताओ ना।
मुन्ना बोला मम्मी से ........................।।

परियों वाले सपने देखो, और तारों की सैर करो।
सुबह सबेरे जल्दी उठना, ना सोने में देर करो।
लोरी सुनके सो जाओ, अब निदियां दूर भगाओ ना।
मुन्ना बोला मम्मी से.....................।।

चंदा मामा जब आयेंगे,तुमको मैं मिलवाऊंगी।
खोल के खिडकी कमरे की, अंदर उन्हें बुलाऊंगी।
मन भर कर तुम बातें करना, अब सोने में देर लगाओ ना।
मुन्ना बोला मम्मी से....................।।

चंदा मामा कितने सुंदर , मैं उनसे हाथ मिलाऊंगा।
चुन्नू मुन्नु और राजु को, उनकी बातें बतलाऊंगा।
मुझे सुलाकर प्यारी मम्मी, तुम भी तो सो जाओ ना।
मुन्ना बोला मम्मी से ..................।।

✍️डॉ पूनम चौहान
एस बी डी महिला महाविद्यालय
धामपुर बिजनौर
उत्तर प्रदेश, भारत

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