शनिवार, 4 दिसंबर 2021

मुरादाबाद के साहित्यकार डॉ पुनीत कुमार की व्यंग्य कविता ----पकौड़ा मंत्रालय


एक तथाकथित बाबा ने

अपने भक्त को

हरी चटनी के साथ

पकौड़ा खिलाया

सारी परेशानियों से

छुटकारा दिलाया

इसको देख हमारी

शुभचिंतक सरकार के

दिमाग का कीड़ा कुलबुलाया

पकौड़ों की महत्ता को

शीश झुकाया गया

अलग से पकौड़ा मंत्रालय

बनाया गया

उस मंत्रालय ने

काफी शोध के बाद

तैयार किया

एक क्रांतिकारी दस्तावेज

जिसकी सिफारिशें थीं

बड़ी सनसनीखेज

सबसे महत्वपूर्ण था

रोजगार मंत्रालय का समापन

और

पकौड़ा ट्रेनिंग सेंटर का गठन

जिसकी शाखाएं

जिला स्तर पर खुलेंगी

बेरोजगारों को उसमें

पकौड़ा बनाने की ट्रेनिंग

मुफ्त में मिलेगी

कब, क्यूं, कैसे, कहां

कौन सा पकौड़ा बनाना है

किसको बेचना है

किसको खिलाना है

विस्तार से समझाया जाएगा

ट्रेंड लोगो को 

सरकार की ओर से

एक ठेला भी दिलाया जाएगा

पकौड़ा बेचकर

वे इतना कमाएंगे

घर का खर्च भी चलाएंगे

और पकौड़ा टैक्स भर कर

सरकार का राजस्व भी बढ़ाएंगे

यह सरकारी व्यवस्था

अधिकतर लोगों को

समझ नहीं आई

कुछ लोगों ने

इसकी सफलता पर

उंगली उठाई

इतने पकौड़े कैसे बिकेंगे

कितनी होगी कमाई

सरकार ने 

एक कमेटी बनाई

फिर अपनी योजना

विस्तार से समझाई

पकौड़ों की बिक्री बढ़ाने को

कई महत्वपूर्ण कदम

उठाए जायेंगे

हर गांव में सरकारी

पकौड़ा क्रय केंद्र बनाए जायेंगे

समूचा पकौड़ा उत्पादन

सरकारी देख रेख में किया जाएगा

पचास प्रतिशत

सरकार द्वारा लिया जाएगा

मिड डे मील का दायरा बढ़ेगा

अब  ये प्रत्येक छात्र,

छात्रा को मिलेगा

उनके स्वास्थ्य से कोई

समझौता नहीं किया जाएगा

हर दिन अलग अलग तरह का

पकौड़ा दिया जाएगा

डॉक्टर और डायटिशियन

सरकार के दबाव में

महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे

अलग अलग मरीजों को

अलग अलग तरह के

पकौड़े बताए जाएंगे

पकौड़े  के गिफ्ट हैंपर

बाजार में आएंगे

लोग, एक दूसरे के घर

मिठाई की बजाए

पकौड़े लेकर जाएंगे

विभिन्न 

राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में

जो सफल होंगे

उनके दोनों हाथों में

पकौड़े होंगे

नकद इनाम होगा

साथ ही पूरे साल

पकौड़े खाने का

मुफ्त में इंतजाम होगा

इस कार्यक्रम को

सफल बनाने के लिए

सरकार किसी भी

हद तक जा सकती है

दूरदर्शन पर

कौन बनेगा पकौड़ा पति

शुरू की जा सकती है

पकौड़ा खाने खिलाने से

जो इनकार करेगा

उस पर देशद्रोह का

मुकदमा चलेगा

फैसला होने तक

उसे कोई भी सरकारी

लाभ नहीं मिलेगा

आप सबको अभी यह

परियों की कहानी सा लगेगा

लेकिन जब एक दिन

हर नौजवान को

रोजगार मिलेगा

और पूरा विश्व भारत के

पकौड़े खाएगा

तभी आपको पकौड़े का

मनोविज्ञान समझ आएगा।


✍️ डॉ. पुनीत कुमार

T 2/505 आकाश रेजीडेंसी

मुरादाबाद 244001

M 9837189600


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