शुक्रवार, 19 नवंबर 2021

मुरादाबाद मंडल के जनपद रामपुर निवासी साहित्यकार शिव कुमार चंदन का गीत ----गिरि शिखर से अवतरित गंगे , तू कल ‌- कल बह रही है


हरण   कर    त्रय   ताप,  माँ ,

पावन जगत  को कर रही  है  ।

गिरि शिखर से अवतरित गंगे

तू   कल  - कल  बह  रही  है

माँ  !  विमल जलधार  से  तू  ,

तृप्त  करती  ,तृषित जन को  ।

रूपसी   तू   प्रकृति   निर्मल  ,

मौन  रह  कुछ  कह  रही  है ।

हरण  कर  त्रय ताप  जग के ,

तू  जगत पावन  कर रही है ।।


तेरी   निर्मल   धार  अविरल  ,

बह रही  शिव शीश  रह कर  ।

तेरे    तट    उपजीं   ऋचाएँ  ,

गहन    आरण्यक   निरन्तर  ।।

तोड़  गिरि - मरू  श्र॔खलाएँ ,

चंचला   सी   बह   रही   है  ।

हरण  कर  त्रय ताप जग के  ,

पावन जगत को कर रही है ।।


समर्पित   घृत , पुष्प  चंदन  ,

नैवेद्य  अक्षत,अगरू ,रोली  ।

पूर्ण    कर   मन   कामनाएँ  ,

माँ भरो जन जन की झोली ।।

बाँट कर जग  को विमलता ,

नित  कलुषता  सह  रही है  ।

हरण   कर  त्रय  ताप   ,माँ  ,

तू जगत पावन  कर रही है ।।


✍️  शिव कुमार चंदन

सीआरपीएफ बाउण्ड्री , निकट- पानी की बड़ी टंकी  ज्वालानगर,   रामपुर ( उत्तर प्रदेश ) मोबाइल फोन नम्बर 6397338850 


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