शनिवार, 13 मार्च 2021

मुरादाबाद के साहित्यकार अशोक विश्नोई की लघुकथा--- कब तक ---?


सुमन के पीछे कुछ गुंडे लग जाते हैं।वह जैसे तैसे अपनी जान और इज्जत बचाती हुई उनके चंगुल से भाग निकलती है।गुंडे भी उसके पीछे पीछे भागते हैं, कहावत है कि " मरता क्या ना करता" आखिर वह गंगा में छलांग लगा देती है।

       " सुबह अखबार में एक साथ दो हैडिंग दिखाई देती हैं,  "एक लड़की ने गंगा में डूब कर आत्महत्या की ", दूसरी थी " कल से सफाई अभियान के अंर्तगत  होगी गंगा की सफाई "----------।

✍️ अशोक विश्नोई, मुरादाबाद

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