रविवार, 28 मार्च 2021

मुरादाबाद के साहित्यकार ओंकार सिंह ओंकार के दोहे ----होली सबको बांध कर , कर देती है एक


फूलों की   वर्षा करें ,    सबके लिए वसंत ।

होली शुभ हो सभी को , खुशियां मिलें अनंत ।।


भारत में हैं जातियां  ,  मज़हब पंत अनेक ।

होली सबको बांध कर , कर देती है  एक  ।।


दुल्हन-सी धरती सजी ,  आया है मधुमास ।

जिसने जीवन में भरा , है अनुपम  उल्लास ।।


पूरी धरती ने किया ,     फूलों से श्रृंगार ।

भू से नभ तक हो गया , ख़ुशबू का संसार ।।


नई कौंपलें पा रही ,    धीरे से विस्तार ।

कलियां आंखें खोलकर , देख रहीं संसार ।।


फूल खिले हैं हर जगह , आई नई बहार ,

कुदरत ने हमको दिए  , नए-नए उपहार ।।


✍️ ओंकार सिंह'ओंकार' १- बी- २४१ बुद्धि विहार, मझोला, मुरादाबाद  ( उत्तर प्रदेश) २४४००१

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