सोमवार, 31 जनवरी 2022

मुरादाबाद के साहित्यकार डॉ पुनीत कुमार की व्यंग्य रचना --हम और राजनीति

 


पढ़ाई पूरी करने के बाद

हमने दो तीन साल

रोजगार कार्यालय के

चक्कर लगाए

सैकड़ों परीक्षाएं दीं

लेकिन कहीं से भी

सकारात्मक परिणाम

नहीं आए

किसी ने यह बात समझाई

आजकल राजनीति में है

बहुत अधिक कमाई

उसी में करो भाग्य आजमाई

हमने सोचा

चलो यह भी कर के

देख लिया जाए

इस विचार को अमली

जामा पहनाने के लिए

हमने राजनीतिक दलों के

द्वार खटखटाए,

दल नंबर एक को

अपना पूरा बायो डाटा दिखाया

 बी ए, बी एड , एम ए, पी एचडी

 देख उनका सिर चकराया

 बोले

 आप जरूरत से ज्यादा

 लिखे पढ़े हैं

 खानदानी माहौल में

 पले बढ़े हैं

हमारी पार्टी का अध्यक्ष तक

हाई स्कूल फेल है

इसलिए हमारा तुम्हारा

रिश्ता बेमेल है

दल नंबर दो ने पूछा

अब तक कितनी बार

झूठ बोला है

कितनी बार पहना

मक्कारी का चोला है

हमारी पार्टी बेईमानी के

धरातल पर टिकी है

हमारे सदस्यों की निष्ठा

ना जाने कितनी बार बिकी है

गिरगिट की तरह

रंग बदल पाना

बात बात में

घड़ियाली आंसू बहाना

थूक कर चाटना

एक दूसरे की जड़ काटना

अगर इन सबकी

आपको आदत है

हमारी पार्टी में

आपका स्वागत है

हमने समझ लिया

यहां हमारी दाल

नही गल पाएगी

क्योंकि लाख

कोशिशों के बाद भी

हमारी आदत

नही बदल पाएगी

किसी ने कहा

पढ़े लिखे होने का

फायदा उठाओ

पार्टी नंबर तीन में

भाग्य आजमाओ

ये बुद्धिजीवियों की पार्टी है

बस थोड़ी सी

कट्टरता दर्शानी है

और एक धर्म को

दूसरे से लड़ाना है

अपनी कड़वी जुबान से

नफरत फैलाना है

धार्मिक उन्माद और दंगो को

जितना अधिक भड़काओगे

पार्टी के अंदर उतने

बड़े नेता कहलाओगे

हमने कहा, माफ कीजिए 

हम इतना नही गिर पाएंगे

कहीं से आवाज आई

फिर आप राजनीति में

ऊंचा नहीं उठ पाएंगे

हमने उनसे विदा ली

और एक बिल्कुल

नई पार्टी ढूंढ निकाली

उसने हमको बिना शर्त अपनाया

अपने टिकट पर चुनाव लड़ाया

हमने भी अपना सबकुछ

दांव पर लगाया

लेकिन फैसला

हमारे विरोध में आया

अगली बार

हमारे भाग्य का कमल खिल गया

एक प्रतिष्ठित पार्टी में

गुटबाजी के चलते

हम जैसे निर्विवाद व्यक्ति को

मौका मिल गया

हम जैसे तैसे 

चुनाव जीत गए

लेकिन धन के सारे कुएं

रीत गए

सिर पर कर्ज का

बोझ बढ़ता गया

हमारी चिंताओं का

ग्राफ चढ़ता गया

अनुभवी नेताओं ने समझाया

ईमानदार बन कर

राजनीति को बदनाम मत करो

छोटा मोटा घोटाला

करने की हिम्मत करो

हमने कोशिश करी

लेकिन पकड़े गए

विपक्ष की राजनीति में

जकड़े गए

हमको समझ आ गया

राजनीति हमारे

खून में नही है

इसलिए इससे

दूर रहना ही सही है

अब मैं

नेता ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट

चलाता हूं

खुद तो बन नही सका

दूसरों को

सफल नेता बनाता हूं।


✍️ डॉ पुनीत कुमार

T 2/505 आकाश रेजीडेंसी

मुरादाबाद 244001

उत्तर प्रदेश, भारत

M 9837189600

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