बुधवार, 24 जून 2020

मुरादाबाद की साहित्यकार इला सागर रस्तोगी की लघुकथा ------संवेदना


"आह आज क्या शानदार खुशबू आ रही ही जरूर कुछ स्वादिष्ट बना है।" खाने की मेज पर बैठते मुकेश ने पत्नी मीना से पूछा।
मीना ने उत्तर दिया "हाँ जी, आज बटर चिकन बनाया है।"
मुकेश ने कहा "बहुत बढ़िया। अच्छा जरा समाचार खोल दो और प्लेट लगा दो।"
इस दौरान टीवी पर खबर दिखाई जा रही थी कि कैसे एक गर्भवती हथिनी को गांव के कुछ लोगों ने बारूद से भरा अन्नास खिला दिया। जिससे वह हथिनी दर्द से तड़पते हुए मृत्यु को प्राप्त हुई।
थाली मे रखे बटर चिकन को निपटाकर और बटर चिकन मांगते हुए मुकेश ने कहा "कितने निर्दयी एवं स्वार्थी लोग हैं। बेवजह ही एक मासूम जानवर की जान ले ली। मारा भी तो कितने निर्दयी तरीके से। छी है ऐसे लोगों पर ये मनुष्य नहीं दानव हैं दानव।"

✍️ इला सागर रस्तोगी
मुरादाबाद

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