सोमवार, 28 सितंबर 2020

मुरादाबाद मंडल के जनपद अमरोहा निवासी साहित्यकार डॉ महताब अमरोहवी की ग़ज़ल उन्हीं की हस्तलिपि में ----वो शख़्स बात जो करता था कल अहिंसा की , उसी की जेब से खंजर की नोक चमकी थी ....


 

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