शनिवार, 26 सितंबर 2020

मुरादाबाद के साहित्यकार वीरेंद्र सिंह बृजवासी का गीत उन्हीं की हस्तलिपि में --- जाने क्या आज ऐसी हैं मजबूरियां, जो कि इंसानियत से बढ़ीं दूरियां ...


 

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