रविवार, 6 जून 2021

मुरादाबाद मंडल के जनपद रामपुर निवासी साहित्यकार ओंकार सिंह विवेक के दोहे ------बार-बार विनती करें,बरगद-शीशम-आम, मानव हमको काट मत, हम आएँगे काम


माना आवश्यक हुआ , सड़कों का विस्तार,

किंतु न हो इसके लिए, पेड़ों  पर नित  वार।       


बार-बार  विनती  करें,बरगद-शीशम-आम,

मानव  हमको काट  मत, हम आएँगे  काम


देते   हैं  हम   पेड़  तो ,  प्राणवायु  का  दान,

फिर  क्यों  लेता है मनुज, बता हमारी जान।

    

देते  हैं  ये   पेड़  ही   , घनी  छाँव, फल-फूल,

इन्हें काटने की मनुज,मत कर प्रतिपल भूल।


पेड़ो  की  लेकर  सतत ,  निर्ममता  से  जान,

मत कर अपनी मौत का, मानव  तू सामान।


सबसे   है    मेरी    यही  ,  विनती   बारंबार,

पेड़  लगाकर   कीजिए , धरती  का  शृंगार।


 ✍️ ओंकार सिंह विवेक, रामपुर

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